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पटना रिंग रोड परियोजना: राजधानी में ट्रैफिक से मुक्ति का सपना जल्द होगा हकीकत

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पटना: राजधानी पटना में ट्रैफिक जाम और आवागमन की कठिनाइयों को कम करने के लिए सरकार ने पटना रिंग रोड (बिहटा-सरमेरा) से एम्स गोलंबर तक 10.5 किलोमीटर लंबी फोर-लेन सड़क के निर्माण में गति बढ़ा दी है। पथ निर्माण विभाग के अनुसार, इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट का लगभग 32 फीसदी काम पहले ही पूरा हो चुका है और योजना के मुताबिक जनवरी 2027 तक आम जनता के लिए यह सड़क खोल दी जाएगी।
सड़क का निर्माण रिंग रोड के नेवा अंडरपास से एम्स तक सीधा संपर्क स्थापित करेगा। इस मार्ग के खुलने से राजधानी के भीतर आवाजाही का नक्शा बदल जाएगा और एम्स जाने वाले मरीज, तीमारदार व आम लोग आसानी से सफर कर सकेंगे। बिहटा की ओर से आने वालों को अब कन्हौली के रास्ते 21 किलोमीटर तय करना होगा, जबकि दनियावां की तरफ से आने वालों को लगभग 35 किलोमीटर की दूरी तय करनी होगी।
इस नई कनेक्टिविटी से न केवल शहर के अंदरूनी हिस्सों में जाम का दबाव कम होगा, बल्कि आने-जाने का समय भी घटेगा। इससे ट्रैफिक की “गंभीर बंदिशों” को तोड़ने में मदद मिलेगी और राजधानी में आवाजाही अधिक सुगम होगी।
18 फरवरी को जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एस.एम. ने एम्स गोलंबर-जानीपुर-पईनापुर-नेवापथ मार्ग का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि सड़क चौड़ीकरण के लिए 138.50 करोड़ रुपये और पुल निर्माण के लिए 73.06 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इसके अलावा, नौबतपुर लख के पास फ्लाइओवर का निर्माण बिहार राज्य पुल निर्माण निगम द्वारा कराया जा रहा है।
राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में इस प्रोजेक्ट को राजधानी के लिए “गेम चेंजर” बताया जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि काम निर्धारित समय में पूरा हो जाता है, तो पटना में ट्रैफिक व्यवस्था में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
सड़क के खुलने के बाद राजधानी के लोग और यात्री न केवल समय की बचत करेंगे, बल्कि पटना के मुख्य मार्गों पर जाम की स्थिति में भी सुधार आएगा। प्रशासन का दावा है कि यह परियोजना पटना में स्मार्ट और सुरक्षित ट्रैफिक व्यवस्था के लिए मील का पत्थर साबित होगी।

राजधानी के ट्रैफिक सुधार की नई उम्मीद
पटना के ट्रैफिक जाम की समस्या पुरानी है और रोजमर्रा के आवागमन को मुश्किल बना रही है। ऐसे में बिहटा-सरमेरा से एम्स गोलंबर तक फोर-लेन सड़क का निर्माण न केवल आवागमन की लंबी दूरी को कम करेगा, बल्कि शहर में समय और ऊर्जा की बचत भी सुनिश्चित करेगा।
सड़कों के चौड़ीकरण और फ्लाइओवर निर्माण से मुख्य मार्गों पर जाम कम होगा और मरीज, तीमारदार और आम लोग आसानी से यात्रा कर पाएंगे। यह प्रोजेक्ट प्रशासन की दूरदर्शिता और राजधानी की अवसंरचना में सुधार की दिशा में एक बड़ा कदम है।
अगर निर्धारित समय पर काम पूरा होता है, तो पटना में आवाजाही का नक्शा बदल जाएगा और यह नागरिकों के लिए एक लंबा-awaited राहत का कारण बनेगा। राजधानी की ट्रैफिक चुनौतियों से निपटने में यह कदम सचमुच “गेम चेंजर” साबित हो सकता है।

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